Stranger se Chudai

अजनबी की मुलाकात

अजनबी की मुलाकात मैं एक अकेली महिला हूँ। मेरे पति के काम की वजह से हम अलग रहते हैं। एक होटल में मैं एक अजनबी आदमी से मिली। बार में बैठते हुए मेरी नज़र उस पर पड़ी। वह अकेला बैठा था, ठीक मेरे जैसे। हमारी नज़रें मिलीं। उसने हँसते हुए मेरी ओर हाथ बढ़ाया। "हाय, मैं आदित्य हूँ," उसने कहा। "नमस्ते... मैं शीला हूँ," मैंने कहा। बातचीत जारी रही। जितना जितना हम बातें करते गए, उतना उतना मेरी इच्छा बढ़ती गई। शाम तक हम एक दूसरे के बहुत करीब आ गए। "क्या तुम अकेली हो?" उसने पूछा। "हाँ... मेरे पति शहर से बाहर हैं," मैंने कहा। "तो क्यों न हम होटल के कमरे में एक पेय पदार्थ लें?" उसने सुझाव दिया। मैंने जाना कि ये क्या होने वाला है, लेकिन मैंने हाँ कह दिया। कमरे में, उसने मुझे किस किया। उसकी जीभ मेरी जीभ के साथ खेलने लगी। "मैं तुम्हें चाहता हूँ," वह कहा। "मैं भी तुम्हें चाहती हूँ," मैंने कहा। हमारे कपड़े एक-एक करके उतरने लगे। बिस्तर पर हम दोनों नंगे हो गए। उसने मेरे शरीर को अपनी जीभ से खोजा - मेरे स्तनों से शुरू करके मेरी योनि तक। "तुम कितनी सुंदर हो," वह कहा। मैंने उसके लिंग को अपने हाथों में लिया और उसे चाटने लगी। उसकी कराहें निकल पड़ीं। "हाँ... ठीक है... और भी अंदर," वह चिल्लाया। फिर उसने मेरे ऊपर आया। उसका लिंग मेरी योनि में प्रवेश किया। "अरे... तुम कितनी तंग हो," वह कहा। मेरा शरीर उसके साथ नाचने लगा। हर थ्रस्ट एक नई लहर पैदा कर रहा था। "हाँ... और... और जोर से... मैं चाहती हूँ," मैं चिल्लाई। हम पूरी रात एक-दूसरे के साथ थे। जब सुबह हुई, तो हम दोनों एक-दूसरे से पूरी तरह सैर हो गए। "यह सिर्फ एक रात है," उसने कहा। "हाँ... लेकिन एक ऐसी रात जो मैं कभी नहीं भूल सकती," मैंने कहा।

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